- क्या मोदी सरकार 9 महीने से सड़कों पर आंदोलन कर रहे इस देश के अन्नदाता के आग्रह पर काले कृषि कानूनों को रद्द करेगी?
- क्या मोदी सरकार इस देश के युवाओं को रोजगार देने का अपना वादा पूरा करेगी?
- क्या मोदी सरकार महंगाई से परेशान देश की जनता को राहत पहुंचाने का कार्य करेगी?
- और क्या मोदी सरकार खेल बजट में कटौती करने के लिए इस देश के खिलाड़ियों से माफ़ी मांगेगी?
Tuesday, 10 August 2021
नाम बदल/ यू - टर्न सरकार
Wednesday, 26 May 2021
राम नाम पर बनी सराकार को, रामनामी का डर सताया है...!!
तुम जो इतना अपने धर्म को लेकर चीखते - चिल्लाते फ़िरते थे,
देखो ये क्या हुआ कि,
तुम्हें तुम्हारे धर्म वाली अंतिम क्रिया भी नसीब न हुई,
और अब ये हो रहा है कि,
तुम्हारी कब्रों पर तुम्हारे होने की आखिरी निशानी,
वो आखिरी चीज़ जो दुनिया से तुम्हें नसीब हुई,
वो रामनामी भी तुम्हारे ऊपर से हटाई जा रही है,
हुआ है ये कि राम नाम पर बनी सराकार को,
रामनामी का डर सताया है,
रोज़ अखबरों में सरकारी दावों की पोल खोलती,
तुम्हारी कब्रों की छाया है,
ये वही लोग हैं जिन्होंने,
सबको आपस में लड़ाया है...!!
तुम तो चले गए मगर तुम्हारे बाद,
कल को जब वहां मेला लगाया जाएगा,
जश्न मनाया जाएगा,
तो तुम्हारे परिजन उसी रेत पर,
जहां तुम दफ़नाए गए हो,
वहां अपनों के साथ,
खुशियां मनाएंगे,
वो तुम्हें याद तो करेंगे,
मगर तुम कहां दफ़न हो ये भूल जाएंगे!
तुम्हें ज़िन्दा रहकर क्या मिला?
तुम मरकर भी क्या पाओगे?
धर्म में बंटवारे का राग अलापने वाले,
अब कैसे हिन्दुत्व बचाओगे?
यही बेहतर है सबकी खातिर,
कि अब भी जाग जाओ,
तुम्हें तोड़ने वाली सरकार के,
जाल में न आओ,
सारे भेदभाव छोड़कर,
संकट के समय में एक दूसरे का साथ निभाओ...!!
Tuesday, 10 December 2019
बिटिया रानी
बिटिया रानी
Saturday, 5 January 2019
सन्नाटा
सन्नाटा
उन पर्दों से दीवारों से,
उन गुम्बदों से मीनारों से,
पानी के गिलास से,
खिलते मुरझाते गुलाब से,
आंखों के काजल से,
आसमां के बादल से,
मांझी की नाव से,
रेत पर चलते पांव से,
जलते हुए चिराग से,
बुझी हुई खा़क से,
समंदर की गहराई से,
खुद अपनी ही परछाई से,
उसके मासूम इशारों से,
आपस की तकरारों से,
कभी कभी कितना कुछ कहना होता है...
और फ़िर कुछ ऐसा होता है,
हर राज़ दिल में ही रहता है,
तुम कुछ भी नहीं कहते हो,
पर सन्नाटा ये कहता है...
कभी कभी कितना कुछ कहना होता है...
मगर उठती हुई हर आवाज़ को; दिल में ही रहना होता है...
Tuesday, 18 September 2018
Saturday, 14 July 2018
उसने जाने के लिए सोचा...
वो जानती थी कि जिंदगी आसान नहीं है उसके लिए... और मौत भी मुश्किल होने वाली है... एक-एक कर सबको दूर करती रही ख़ुद से ताकी उसके बाद किसी को उसके जाने से तकलीफ़ न हो... उसके अपनों को दर्द न हो... इसलिए अकेले दर्द में तड़पना बेहतर समझा... किसी को वक्त नहीं दिया एक बार भी खुद से मिलने का... उसने जाने के लिए सोचा कि बिना ग़म दिए जाना...
Saturday, 21 April 2018
रंगों का कारोबार तेरा...
रंगों का कारोबार तेरा...
सूरज से समृद्ध उत्तर प्रदेश!
बदलते विश्व के संदर्भ में पर्यावरण की रक्षा हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है । "पृथ्वी हर आदमी की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए ...
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बदलते विश्व के संदर्भ में पर्यावरण की रक्षा हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है । "पृथ्वी हर आदमी की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए ...
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Walk to the heritage sites to city Lucknow which is the capital of Uttar Pradesh 1. Shah Mina Shah’s Tomb – Nearly three hundr...
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तुम जो इतना अपने धर्म को लेकर चीखते - चिल्लाते फ़िरते थे, देखो ये क्या हुआ कि, तुम्हें तुम्हारे धर्म वाली अंतिम क्रिया भी नसीब न हुई, और...






